प्रेरणा (लघुकथा) – मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

पवन एक अच्छी कद – काठी का छात्र था | वह भारतीय सेना में जाना चाहता था, इसलिए दिन – रात जी तोड़ मेहनत की थी उसने, वैसे पढ़ने – […]

  साहित्य में स्त्री विमर्श का महत्त्व और रघुवीर सहाय की रचनाएँ – दिनेश कुमार यादव

साहित्य को समाज का दर्पण कहा जाता है। साहित्य एक-दूसरे के दुःख में दुःखी होना और एक-दूसरे के सुख में सुखी होना सिखाता है। वह संपूर्ण मनुष्य का कल्याण हो […]

कविताओं से गायब होता देश का अन्नदाता – मोनिका मीना

भारत की जनंसख्या का अधिकांश प्रतिशत कृषि पर निर्भर करता है। देश की अर्थव्यवस्था में सदैव कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। साहित्य में भी किसान एक जमाने से केन्द्र […]

तुलसीदास के ग्रंथों में भारतीय जनसंस्कृति का स्वरूप – कल्याण कुमार

हिंदी के मध्यकालीन युग से लेकर नवीनतम युग में महाकवि तुलसी एक ऐसे सूर्य है,जिनका तेज वर्तमान में छटाक मात्र भी मलीन नहीं हुआ है। भारतीय साहित्य की विभूतियों में […]

अमृतलाल नागर और कथा संसार – अतुल वैभव

अमृतलाल नागर हिंदी गद्य साहित्य के उन शिखर पुरुषों में गिने जाते हैं जिनके गद्य से हिंदी साहित्य ही नहीं बल्कि अन्य भारतीय भाषाओं का साहित्य भी समृद्ध हुआ है। […]

बालशौरि रेड्डी के साहित्य में प्रयुक्त भाषा – डॉ. आर.सपना

बालशैरि रेड्डी दक्षिण के सुप्रसिद्ध लेखक हैं। बालशौरि रेड्डी अपने कार्य के प्रति निष्ठा, कठोर परिश्रम, साहित्य साधना तथा अनवरत संघर्ष के प्रेरणाप्रद उज्ज्वल उदाहरण है। इनकी मातृभाषा तेलुगु है। […]

पंखुरी सिन्हा की पाँच कविताएँ

कारण प्रेम कारण से परे होता है लेकिन कारण से परे हर कुछ प्रेम नहीं होता प्रेम की लाश ढ़ोने वाले बहुत हैं इतने हैं कि दूर नहीं जाने देंगे […]

हाँ मैं प्रसिद्ध होना चाहती हूँ – कुमारी अर्चना

क्या करना होगा अपना चेहरा रोज रोज गमकऊँआ साबुन से चमकाना होगा फेरनलवली खूब पोतना होगा सात धंटे की पूरी नींद लेनी होगा फिर फेसबुक,इन्ट्राग्राम पर हॉट,सेक्सी व भड़काऊं फोटो […]

पिंजरे की चिड़िया – स्वाति कुमार

पिंजरे  में  कैद  एक  चिड़िया, संसार के यथार्थ से अनजान, दूसरों के अरमानों के पीछे, अपने सपनों को कुचलती एक चिड़िया, पिंजरे में कैद एक चिड़िया।   चारदीवारी में पंख […]

मैं रूठा हूँ – सुषमा सिंह

पापा को ऑफिस की जल्दी माँ तुम भी तो जाती छोड़ दादी नानी कोई न संग में बोलो मुझे संभाले कौन मैं डरता हूँ माँ सपनों में तुमको नहीं बताता […]