डॉ. रेणुका सह आचार्य, हिंदी-विभाग माधव विश्व विद्यालय पिण्डवाडा, सिरोही, राजस्थान चलभाष नंबर- 8209348811 renukagurjar2011@gmail.com सारांश– राजस्थानी लोककथाएँ भारतीय लोकसाहित्य की एक समृद्ध और जीवंत परंपरा का प्रतिनिधित्व करती हैं। […]
अनुक्रमणिका

अनुक्रमणिका संपादकीय डॉ. आलोक रंजन पांडेय बातों – बातों में हिंदी मेरे ज्ञान और अनुभव का स्त्रोत है : रामा तक्षक (नीदरलैंड के प्रवासी साहित्यकार से संवाद) – डॉ. दीपक […]
संपादकीय

सहचर की पूरी टीम की मेहनत के फल स्वरूप पत्रिका का यह अंक आपके समक्ष है। यह पत्रिका अब अपने सातवें वर्ष में है।इन सात वर्षों में आप सभी पाठकों […]
हिंदी मेरे ज्ञान और अनुभव का स्त्रोत है : रामा तक्षक (नीदरलैंड के प्रवासी साहित्यकार से संवाद) – डॉ. दीपक पाण्डेय

भारत के राजस्थान में जन्में रामा तक्षक नीदरलैंड में रहकर हिंदी साहित्य की समृधि में कार्य कर रहे हैं.आप स्थानीय स्तर पर हिंदी से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन और संयोजन […]
मानव जीवन की अमूल्य अभिव्यक्ति : संस्कृति – डॉ. कुलभूषण शर्मा

मानव जीवन संघर्ष से परिपूर्ण है I जीवन के संघर्ष के कारण व्यक्ति उदासीन होकर कभी एक स्थान से दूसरे स्थान या परिस्थितियों में भटकने लगता है तो कभी इसी […]
लोकतंत्र की विसंगतियाँ और रघुवीर सहाय की कविता – प्रियंका चौधरी

‘‘बशर्ते कि बलात्कार से माँ और बन्दूक से बच्चा अपने को बचा ले’’ भावुक तो हर कोई हो सकता है लेकिन कसौटी तो यह है कि वह कितना संवेदनशील है। […]
रामदरश मिश्र का काव्य संसार और ‘आम के पत्ते’ – अल्पना मिश्र
समकालीन काव्य परिदृश्य में रामदरश मिश्र एक ख्यात और महत्वपूर्ण नाम हैं। वे आधुनिक काव्य के एक ऐसे कवि हैं जो अपने समय के अनेक काव्यांदोलनों से गुजरते हुए भी […]
कस्तूरबा गाँधी का ‘बा’ बनने तक का सफर – डॉ. अनामिका जैन

सारांश: भारतीय स्वतंत्रता-आंदोलन में कस्तूरबा गाँधी के योगदान को भारतीय स्त्रियों के योगदान में शीर्ष में गिना जाता है। बा की प्रेरणा और उनके त्याग-समर्पण की भावना के परिणामस्वरूप हम […]
जार्ज ग्रियर्सन के तुलसी – भूपेन्द्र कुमार भगत

(ग्रियर्सन ने ‘द मॉडर्न वर्नाक्युलर लिटरेचर ऑफ हिन्दुस्तान‘ में तुलसीदास पर जो अपने आलोचनात्मक विचार रखे हैं, उससे यह स्पष्ट होता है कि उनकी दृष्टि पूरी तरह ‘औपनिवेशिक‘ ही रही […]
गुरु नानक देव की सामाजिक मूल्य शिक्षा – जगदाले अप्पासाहेब गोरक्ष

सारांश पंजाबी साहित्य में गुरु नानक देव का अग्रणीय स्थान है। उनका जन्म 15 अप्रैल (1469 ई.) तलवंडी नामक गाँव में हुआ था, वह आज का पाकिस्तान है। गुरु […]





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