समझ (लघुकथा) – डॉ. सौरभ कुमार झा

एक बार एक युवक अपनी असफलताओं से बहुत परेशान था। उसे लगता था कि दुनिया के सभी लोग उससे बेहतर हैं। वह हर दिन दूसरों की सफलता देखकर दुखी हो […]

डॉ.गोविंद गुंडप्पा शिवशेट्टे की कविताएं

 हां यही बुजुर्ग पेड़ हैं गांव का… हां यही बुजुर्ग पेड़ हैं गांव का… इमली का…सबका पसंदीदा नाम सुनते ही जिव्हा लपलपाती है ना! आपकी ही नहीं,हमारे दादा-दादी, दादा-परदादी की […]

वीरेंद्र त्रिपाठी की कविताएं

मन एकाकी सा मन एकाकी सा विस्मृत विस्मृत लगा सोचने काल चक्र गति वो निश्चिन्त कुलाचें भरता बचपन माँ का प्यार, था कैसा पावन अतीत के धूमिल होते पल क्षिन […]

ऑपरेशन सिंदूर – डॉ. पवन कुमार

पहलगाँव की धरती रोई, छल से किया जो वार। निर्दोषों के खून से लथपथ, यह अपना घर द्वार। नही मौन अब भारत बैठा, टूट पड़ा बन सिंह प्रचंड जैसा जिसने […]

मुफ़्त की कीमत (कविता) स्मिता चौधरी

मुफ़्त की कीमत तुम दे देना मुफ़्त का राशन, और करना प्रचार अपने ही बड़प्पन का। गाँव के बीचों-बीच एक बड़ी-सी टंकी भी बनवाना, और नदी के किनारे खोदकर छीन […]

संग्रहणीय है केंद्रीय हिंदी निदेशालय,उच्चतर शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय,भारत सरकार का ‘भाषा’पत्रिका’ – डॉ. किरण झा

200 वर्षों की हिंदी पत्रकारिता के सफर विषय पर प्रकाशित भाषा का विशेषांक वास्तव में बेहतरीन है।30 मई 1826 में कलकत्ता से हिंदी का पहला समाचार पत्र उदंत मार्त्तंड का […]