हिन्दी साहित्य में गांधीवादी विचारधारा का प्रभाव – डॉ. सुनील मुरलीधर पाटिल

गांधीवादी विचारधारा भारतीय इतिहास, समाज और साहित्य के विकास में एक केंद्रीय भूमिका निभाने वाली विचारधारा रही है। मा. गांधी के नेतृत्व में सत्य, अहिंसा, स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और नैतिकता जैसे […]

म. गांधीजी का व्यक्तित्व और नैतिक संघर्ष: ‘मेरे सत्य के प्रयोग’ के संदर्भ में – डाॅ. विलास गायकवाड

सारांश ः महात्मा गांधी की आत्मकथा ‘सत्य के प्रयोग अथवा आत्मकथा’ उनके जीवन, विचारों और अनुभवों का एक ईमानदार व आत्मविश्लेषणात्मक दस्तावेज़ है।इस ग्रंथ में गांधीजी ने अपने जीवन को किसी […]

गांधी और हिन्दी साहित्य- डॉ. ममता सहगल

सारांश महात्मा गांधी केवल भारतीय राष्ट्रवाद के सबसे प्रभावशाली नेता नहीं थे, बल्कि वे साहित्य, भाषा और संस्कृति के भी सशक्त प्रवक्ता थे। उन्होंने हिन्दी भाषा को राष्ट्रीय एकता के […]

ओडिया साहित्य में गाँधी –  डॉ. भारती लक्ष्मी पाल

“जो बदलाव तुम दुनिया में देखना चाहते हो, वह खुद में लेकर आओ” – महात्मा गाँधी शोध सार: महात्मा गाँधी के विचार विश्व के सामजिक एवं राजनैतिक आन्दोलन को प्रभावित किया। […]

‘कितने पाकिस्तान’ इतिहास का पुनराख्यान – डॉ. चन्दन कुमार

कमलेश्वर ने ‘ कितने पाकिस्तान ‘ के विराट कथ्य में जहाँ एक ओर पौराणिक या पुराकथाओं का प्रयोग कर साहित्य और लोक प्रचलित इतिहास में मिथकों की परम्परा और प्रयोग […]

मुंशी प्रेमचंद जी के उपन्यासों में वर्णित विषम दाम्पत्य जीवन (गोदान, निर्मला, वरदान, सेवा सदन और प्रतिज्ञा उपन्यासों के आधार पर – डॉ. हरिन्दर कुमार

भारतीय चिंतन में विवाह को एक पवित्र एवं पुण्य संस्कार के रूप में स्वीकार किया गया है। यह मानव को दायित्ववान और परिपक्व बनाने के लिए आवश्यक है। सरल शब्दों […]

धम्म-सेतु (कविता) – प्रो. (डॉ.) अरविंद कुमार सिंह

धम्म-सेतु, धरा और धम्म का संगम भारत-नेपाल की साझा बौद्ध विरासत लुम्बिनी की पवित्र प्रात में, उभर रहा सेतु, सौगात में। भारत की वाणी, बुद्ध की राह, फिर जग में […]

प्रो. पंढरीनाथ पाटील “शिवांश “ की कविताएं

ईमान.. छीनी जा रहीं हैं मुझसे मेरी कविता, काग़ज़ और लेखनी भी! जी बिल्कुल, उनकी ही तरह! उन्हें बचानी हैं नौकरी, या कुछ कमाना भी होगा! मेरा क्या कवि हूँ, […]

दृष्टिकोण (कहानी) – डॉ० उपासना पाण्डेय

दृष्टिकोण (कहानी) सुनैना असहनीय पेट दर्द के कारण जब अस्पताल पहुँची तो उसे पता चला कि उसकी किडनी २० प्रतिशत तक क्षतिग्रस्त हो चुकी है। अतएव उसे स्वरूपरानी चिकित्सालय में […]

‘द वॉर दैट मेड रॉ’ पुस्तक की समीक्षा – अमन शर्मा

प्रस्तावना  द वॉर दैट मेड रॉ नामक पुस्तक, लेखक अनुषका नंदकुमार एवं संदीप साकेत द्वारा लिखी गई है, जिसमें आधुनिक भारत के खुफिया तंत्र के उद्भव, विशेष रूप से अनुसंधान […]