
“प्रभु जू , यौँ किन्ही हम खेती । बंजर भूमि, गाउ हर जोते, अरु जेती की तेती । […]

“प्रभु जू , यौँ किन्ही हम खेती । बंजर भूमि, गाउ हर जोते, अरु जेती की तेती । […]

आज मानव जीवन अनेक विसंगतियों एवं विडम्बनाओं से जूझ रही हैं। एक समय हुआ करता था जब लोग प्रेम, स्नेह, सद्भावना के साथ जीवन यापन किया करते थे। एक दूसरे […]

अलका सरावगी का अद्यतन उपन्यास ‘जानकीदास तेजपाल मैनशन’ (2015) कलकत्ता के बड़ाबाजार (सेंट्रल एवेन्यू) में स्थित 80 परिवारोंवाली एक पुरानी जर्जर इमारत का नाम है। वह लगातार झुक रही है, […]

आजादी के पश्चात भारतीय समाज सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक और सांस्कृतिक रूप से सबसे अधिक 90 के दशक में प्रभावित होता है. वैश्वीकरण का यह दौर भारतीय समाज पर गहरा छाप […]

आधुनिकता के दौर में सब कुछ जल्दी-जल्दी बदल रहा है। किसी के मुताबिक ढलने का सोचो तब तक तो वह बदल जाता है। समझ नहीं आता बदलाव की ठावं और […]

बीसवीं शताब्दी में भारतीय राजनीति के क्षेत्र में सबसे प्रभावकारी नेता के रूप में मोहनदास करमचंद गांधी का उदय हुआ | भारतभूमि को स्वतंत्रता दिलाकर स्वराज्य स्थापित करने की मनीषा […]

जब संत काव्यधारा की बात चलती है तो हमारे सामने कबीर, रैदास आदि पुरुष संतों की छवि उभरकर आती है। हिन्दी साहित्य के अधिकांश आलोचकों ने संत साहित्य की आलोचना […]

वर्तमान परिदृश्य में मीडिया अभिव्यक्ति का अग्रणी माध्यम हो गया है। जिसमें सबसे अधिक चर्चित सोशल मीडिया है। सोशल मीडिया ने बहुत कम समय में अधिक गति धारण की है। […]

‘‘धरती खुशी मना तू बरसात आ गयी है जो बात कल न थी वह बात आ गयी है।’’ बरसात की पहली बूँद ज्यों धरती में समायी त्यों धरती सोधी खुशबू […]

“उन्होंने हाथ बढ़ा कर वह तस्वीर उतारी और दीवार पर पड़ जाने वाले उस दाग को देखने लगे, जो तस्वीर के कारण दीवार पर पड़ा था और अब तक तस्वीर […]