
स्वामी विवेकानंद भारतीय आध्यात्मिक और धार्मिक मनीषा के सिरमौर व्यक्तित्व थे। 40 वर्ष की अल्पायु में ही उन्होंने देश और विश्व को अपने अवदान से इतना अनुप्राणित और समृद्ध कर […]

स्वामी विवेकानंद भारतीय आध्यात्मिक और धार्मिक मनीषा के सिरमौर व्यक्तित्व थे। 40 वर्ष की अल्पायु में ही उन्होंने देश और विश्व को अपने अवदान से इतना अनुप्राणित और समृद्ध कर […]

युद्ध का इतिहास मानव सभ्यता के उदय के साथ ही शुरू हो जाता है | विश्व इतिहास पर दृष्टिपात करें तो हम देख सकते हैं कि युद्ध सदैव सत्ता, साम्राज्य […]

संपादकीय ज्वलंत विषय ‘राष्ट्रीय अस्मिता को हिंदी भाषा ही बचा सकती है?’ विषय पर प्रो. हरिशंकर मिश्रा और प्रो. करुणाशंकर उपाध्याय से ज्वलंत चर्चा बातों-बातों में हंसराज महाविद्यालय की पहली […]

अभी पिछ्ले दिनों हमारा समाज अंकित सक्सेना और चंदन गुप्ता की हत्या का गवाह बना । हमने सभ्यताओं के इतिहास में क्रूर से लेकर क्रूरतम समयों को देखा है जहाँ […]

आज जिस दौर में हम रह रहे हैं वहाँ कदम-कदम पर भाषा की समस्या से रुबरू होना पड़ रहा है, कोई अंग्रेजी की महत्ता की बात कर रहा है तो […]

सहचर टीम : रमा जी, सर्वप्रथम देश की बेहतरीन महविद्यालयों में से एक हंसराज महाविद्यालय की प्रथम महिला प्राचार्य बनने पर आपको हार्दिक बधाई। आप पहली महिला प्राचार्या होने […]

कबीर भक्तिकाल के संत कवियों में श्रेष्ठतम स्थान रखते हैं । इन्होंने अपने काव्य में भारतीय योग दर्शन का समुचित प्रयोग किया ।योग तन, मन, आत्मा समेत चेतना की सभी […]

ब्रज भाषा साहित्य के अक्षय कोश में मानव जीवन से संबंधित विविध विषय वैभवशाली ढंग से अभिव्यक्त हुए हैं। कहीं उसकी रसमयी कविता में शृंगार, अनुराग, भक्ति, प्रेम, वात्सल्य आदि […]

विभिन्न हिन्दू धर्म ग्रन्थों में नारी को देवी, शक्ति, अर्धांगिनी, गृहलक्ष्मी, गृहस्वामिनी जैसे मनभावने शब्दों से सजाया गया है किन्तु उसे मनुष्य नहीं समझा गया। हिन्दू समाज में स्त्री का […]

कबीर को सलेबस में ख़ूब पढ़ा है, पर उससे भी पहले उन्हें सुना है। कबीर कोई दरबारी कवि नहीं थे। मन की मौज आयी और कह दिया। कबीर ने जो […]