
अनुक्रमणिका संपादकीय डॉ. आलोक रंजन पाण्डेय शोधार्थी प्रेमचंद की कहानी ‘लांछन’ में अभिव्यक्त जेंडर परफॉर्मेटिविटी और नैतिक पुलिसिंग – जयकृष्णन एम. ‘गोदान उपन्यास ग्राम-जीवन और कृषि-संस्कृति का सशक्त महाकाव्य है’ […]

अनुक्रमणिका संपादकीय डॉ. आलोक रंजन पाण्डेय शोधार्थी प्रेमचंद की कहानी ‘लांछन’ में अभिव्यक्त जेंडर परफॉर्मेटिविटी और नैतिक पुलिसिंग – जयकृष्णन एम. ‘गोदान उपन्यास ग्राम-जीवन और कृषि-संस्कृति का सशक्त महाकाव्य है’ […]