हिंदी साहित्य में गांधीजी के विचारों का प्रभाव – डॉ छाया शेषराव तोटवाड

1. प्रस्तावना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में मोहनदास करमचंद गांधी का नाम एक ऐसी विभूति के रूप में अंकित है जिसने केवल राजनीति ही नहीं, बल्कि भारतीय समाज, संस्कृति […]

हिन्दी साहित्य पर गांधीजी का प्रभाव – डॉ. लिट्टी योहन्नान

महात्मा गांधी का भारतीय समाज और साहित्य पर गहरा प्रभाव पड़ा। हिन्दी साहित्य ने उनके विचारों—अहिंसा, सत्य, स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और नैतिकता—को आत्मसात किया। यह शोध-पत्र हिन्दी साहित्य में गांधीजी के […]

भवानी प्रसाद मिश्र के साहित्य में गांधी दर्शन – आशा राठौर

भूमिका भारतीय साहित्य में बीसवीं शताब्दी का काल सामाजिक, राजनीतिक एवं सांस्कृतिक चेतना के उदय का काल रहा है। इस काल में स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रवाद, अहिंसा, सत्य और स्वदेशी जैसे […]

कन्नड़ काव्य साहित्य में गांधी जी – डॉ गीता एच तलवार

 “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” — यह वचन न केवल सत्य है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जन्मभूमि स्वर्ग से भी अधिक महान है। एक राष्ट्र को तभी राष्ट्र कहा […]

गांधीवाद और हिंदी साहित्य – प्रियंका

शोध सार :- गाँधी के जीवन और उनके विचारों को कई अलग-अलग धाराओं में समझने का प्रयास किया गया उनके विचारों और दर्शन को गांधीवाद नाम दिया गया जिसे हम […]

प्रसाद युगीन हिन्दी नाटक और गांधीवाद – डॉ० गीता पांडेय

हिंदी नाटक का प्रारंभ भारतेंदु युग से हुआ, जिसमें समाज के विभिन्न पक्षों एवं क्षेत्रों को साहित्य संवेदना का विषय बनाया गया। इस युग में समाज-सुधार आंदोलन, देश-प्रेम, राष्ट्र-भाषा के […]

सत्य की कसोटी पर सत्य के प्रयोग अथवा आत्मकथा –  डॉ. लविन्द्रसिंह लबाना

सत्य के साधक महात्मा गांधी का नाम केवल भारत में ही नहीं सारे संसार में प्रसिद्ध है। गांधीजी का जन्म गुजरात के पोरबंदर शहर में 2 अक्टूबर 1869 को हुआ […]

प्रवासी भारतीय साहित्य में गांधी: एक विस्तृत अध्ययन – कुमारी आकांक्षा

शोध सार प्रवासी भारतीय साहित्य भारतीय संस्कृति इतिहास और मूल्य बोध को विदेशों में बसे भारतीयों की दृष्टि से प्रस्तुत करता है ।प्रवासी भारतीय साहित्य में गांधीजी एक बहु आयामी […]

प्रवासी भारतीय साहित्य में गांधी: एक विस्तृत अध्ययन – अनुराग तिवारी प्रेमचंद                                                                                                       

शोध-सारांश                 गाँधीजी राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के विवेकशील राजनेता थे| उन्होंने राजनैतिक स्वतंत्रता की प्राप्ति हेतु सामाजिक मुद्दों पर एकजुट होने का मार्ग सुझाया क्योंकि वे जानते थे कि भारत […]

सत्य, अहिंसा और त्याग के प्रेरणा स्रोत महात्मा गांधी – डॉ. सूर्यकांत शिंदे

प्रस्तावना: जब भी हम भारत के आजादी के आंदोलन की बात करते है, तब आनायास ही महात्मा गांधी का नाम हमारे मन में सबसे पहले आता है। गांधी जी के […]