
धम्म-सेतु, धरा और धम्म का संगम भारत-नेपाल की साझा बौद्ध विरासत लुम्बिनी की पवित्र प्रात में, उभर रहा सेतु, सौगात में। भारत की वाणी, बुद्ध की राह, फिर जग में […]

धम्म-सेतु, धरा और धम्म का संगम भारत-नेपाल की साझा बौद्ध विरासत लुम्बिनी की पवित्र प्रात में, उभर रहा सेतु, सौगात में। भारत की वाणी, बुद्ध की राह, फिर जग में […]

ईमान.. छीनी जा रहीं हैं मुझसे मेरी कविता, काग़ज़ और लेखनी भी! जी बिल्कुल, उनकी ही तरह! उन्हें बचानी हैं नौकरी, या कुछ कमाना भी होगा! मेरा क्या कवि हूँ, […]

दृष्टिकोण (कहानी) सुनैना असहनीय पेट दर्द के कारण जब अस्पताल पहुँची तो उसे पता चला कि उसकी किडनी २० प्रतिशत तक क्षतिग्रस्त हो चुकी है। अतएव उसे स्वरूपरानी चिकित्सालय में […]

संबंधों की बगिया है उजड़ी फूल-पत्ते भी चुप-चुप हैं बसंती बयार भी भटकी हुई सुख-बादल भी गुमसुम हैं! नदी संवेदना की सूख गई उजड़े-उजड़े कूल-किनारे! सूखी नदी में नौका […]

सूर्य देवता आग उगल रहे हैं, हवा का कहीं नामों-निशान नहीं और बह भी रही है, तो मंद मंद गति से पेड़-पौधे सब सूख गए, इस समय तो बरसात होने […]

आज मैंने सूरज को देखा, आसमान में नहीं,तपती हुई सड़कों पर, आँखों में चमक, सूखे ओंठ और मैले कपङों में। अपनी सारी कमाई अपने लाङले ग्रहों पर लुटाने वाला सूरज, […]

बाल मन पर संस्कार हो नैतिक शिक्षा और मानवीयता के बाल मन पर संस्कार हो सच्चाई और ईमानदारी के साथ अपना कर्तव्य पूरा करने के बाल मन पर संस्कार […]

ये जो जीवन है, महज संघर्षों का पिटारा है। विनाश और विकास ये एक दूसरे का पूरक और सहारा है। विनाश जहां है, विकास भी वहां निश्चय है। विकास जब […]

1 लिबर्टी का प्रतीक पत्थर है संगमरमर प्रेम का सदियों से स्थापित ये प्रतीक लगते हैं कितने बेमानी होती हूँ जब रूबरू इर्द गिर्द चलते-फिरते हौसले के जीवित प्रतीकों से। […]

01. वे नरेन्द्र पशुतुल्य हैं, क्या ब्राह्मण क्या सूद। अन्तस में जिनके नहीं, मानवता मौजूद।। 02. खून माॅंस भी एक है , जाति योनि भी एक। फिर नरेन्द्र हैं क्यों […]