
गौरैया के हक़ में गांव के चैपाल में चहकती गौरैया मीठे-मीठे गीत सुनाती गौरैया गुड़िया को धीरे से रिझाती गौरैया याद आज आती है हरे-भरे पेड़ों पर फुदकती गौरैया घर […]

गौरैया के हक़ में गांव के चैपाल में चहकती गौरैया मीठे-मीठे गीत सुनाती गौरैया गुड़िया को धीरे से रिझाती गौरैया याद आज आती है हरे-भरे पेड़ों पर फुदकती गौरैया घर […]

उनकी मूछें घनी एवं मोटी, आँखें गहरी काली, रंग बिल्कुल गोरा, ललाट उन्नत, कद पांच फुट दस इंच, वजन पच्चासी किलोग्राम और उम्र करीब चौबालिस साल थी | चूंकि, वह […]

फ़रिश्ता चाँद का हज़ारों गम हैं बिछुड़न के एक नगीना प्रेम का रात उजयाली करने आया एक फ़रिश्ता चाँद का स्वप्न सुंदर नयन मग्न और दरिया जो शाम का वक़्त […]

1. घातक जाल बिछाये हैं घर – बाहर या प्लॉंट सड़क, हर जगह मौत के साये हैं। हमने ही तो आँख मूँदकर, घातक जाल बिछाये हैं।। साफ सफाई रखकर के, […]

दर्द कुछ इस तरह किसी भी जीवन में घर कर जाता है। आँखो के आँशुओ को आँखो के घर से बेघर कर जाता है।। अँधेरे भी जीवन मे कुछ ऐसे […]

मानव-जीवन पर प्रकृति के प्रत्येक व्यापार का अनुकूल एवं प्रतिकूल प्रभाव पड़ना अत्यंत स्वाभाविक है। बसंत ऋतु में प्रकृति के चुतन शृंगार से मानव-जीवन हर्षोल्लास से पूर्ण हो जाता है […]

मैत्रेयी पुष्पा का उपन्यास चाक जहॉं उनके उपन्यास इदन्नमम का प्रगतिशील विस्तार है, वहीं अपने में स्वतंत्र भी। गांव के समाज में नारी की पीड़ा तथा उसके संघर्ष को वर्णित […]

गोदान के संदर्भ में दो मुख्यत: बातें सामने आती हैं। एक 1936 में प्रकाशित मुंशी प्रेमचंद का जग जाहिर उपन्यास गोदान और दूसरा मत्यु के उपरान्त वैतरणी पार करने के […]

केदारनाथ अग्रवाल की कविता सौन्दर्यबोध के संबंध में हिन्दी काव्य परम्परा में विशिष्ट प्रकार का प्रस्थानबिन्दु उपस्थित करती है। केदारनाथ अग्रवाल तथा अन्य प्रगतिशील कवियों की सौन्दर्य चेतना ने तो […]

हिंदी साहित्य में नई वाली हिंदी के नाम पर हिंदी युग्म प्रकाशन ने एक क्रांति सी पैदा की है। और इस क्रांति में कई युवा और नए लेखक बेस्टसेलर बने […]