किसान का त्याग, कवि का सत्य,नेतृत्व का अटूट विश्वास विश्ववंद्य राष्ट्र- पिता महात्मा गांधी ( ललित निबंध के संदर्भ में) – डॉ. जितेंद्र पीतांबर पाटिल

भारतीय साहित्य ही नहीं अपितु विश्व साहित्य पर भी महात्मा गांधीजी के विचारों का गेहरा प्रभाव दृष्टिकोचर होता है l महात्मा गांधी के दर्शनशास्त्र का आकर्षण सारे विश्व साहित्य मे […]

महात्मा गांधी का स्वराज्य विचार – डॉ. परेश जी. पारेख

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में “स्वराज्य” शब्द का प्रयोग अनेक नेताओं ने किया, किंतु इसे वास्तविक जीवन, नैतिकता, और जनमानस की भाषा में रूपांतरित करने का श्रेय केवल महात्मा […]

गिरिराज किशोर के उपन्यास ‘पहला गिरमिटिया’ में गांधी का वैचारिक प्रभाव – अंजु रॉय

गिरिराज किशोर जी का ब्रहतकाय उपन्यास ‘पहला गिरमिटिया’ आधुनिक भारतीय ऐतिहासिक कथा साहित्य में सबसे महत्वपूर्ण रचनाओं में से एक है। जो मोहनदास करमचंद गांधी के दक्षिण अफ्रीकी जीवन पर […]

हिंदी भाषा में महात्मा गांधी का योगदान – कोमल दगडु तडवी

प्रस्तावना : महात्मा गांधी के जीवन में हिंदी का महत्व एक साझा राष्ट्रीय भाषा के रूप में था, जो भारत को एकजुट कर सके और जन-जन की आवाज बन सके। […]

अवधी लोकधुनों में गाँधीवाद – प्रो.गरिमा जैन और डॉ.पन्नन बाजपेई

भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन केवल राजनीतिक संघर्ष नहीं था। वह एक सांस्कृतिक और नैतिक पुनर्जागरण भी था। महात्मा गाँधी के आदर्श सत्य, अहिंसा, स्वदेशी, ग्राम स्वराज और समानता ने देश के […]

असमिया लोक-गीतों में महात्मा गांधी – डॉ. परिस्मिता बरदलै

सारांश           हमारे समाज में पीढ़ी दर पीढ़ी जो गीत, नृत्य, नाट्य, कथा, कहानी मौखिक रुप में जन साधारण में प्रवाहमान है उसी को लोक साहित्य कहा […]

अकाल पुरुष गांधी : एक वैचारिक दृष्टि – कोमल चुघ

सारांश महात्मा गांधी का ईश्वर में अटूट विश्वास था उनके जीवन का प्रमुख उद्देश्य ईश्वर को प्राप्त करना था सत्य और अहिंसा उनका ब्रह्मास्त्र था । सादा जीवन उच्च विचार […]

राजस्थानी साहित्य में गाँधी – डॉ. सुशीला गढ़वाल

भूमिका महात्मा गाँधी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे युगपुरुष थे जिन्होंने न केवल राजनीति, बल्कि समाज और साहित्य को भी गहराई से प्रभावित किया। गाँधीजी का व्यक्तित्व सत्य, अहिंसा, स्वदेशी, […]

कन्नड गद्य साहित्य में चित्रित गांधी-विचार – डॉ. शिवानंद एच कोली

सारांश यह शोध-आलेख कन्नड गद्य साहित्य में महात्मा गांधी के विचारों की साहित्यिक अभिव्यक्ति और वैचारिक प्रभाव का समग्र विश्लेषण प्रस्तुत करता है। गांधी-विचार—जैसे सत्य, अहिंसा, स्वदेशी, ग्रामस्वराज, श्रम की […]

गांधी का साहित्य और साहित्य में गांधी- डॉ.परमानंद पाटीदार

शोध सारांश – महात्मा गांधी का साहित्य उनके भाषणों, लेखों, पत्रों तथा आत्मकथाओं का बहुत वृहद संग्रह है , जो सत्य , अहिंसा तथा स्वदेशी जैसे उनके सिद्धांतों पर आधारित […]