
हिन्दी साहित्य के इतिहास का आदिकाल और रीतिकाल हमेशा से सवालों के घेरे में रहा है। जहां आदिकाल ग्रन्थों की प्रमाणिकता को लेकर तो वही रीतिकाल अपनी विषय सामग्री को […]

हिन्दी साहित्य के इतिहास का आदिकाल और रीतिकाल हमेशा से सवालों के घेरे में रहा है। जहां आदिकाल ग्रन्थों की प्रमाणिकता को लेकर तो वही रीतिकाल अपनी विषय सामग्री को […]

रहीम का जन्म लाहौर (अब पाकिस्तान) में 17 दिसम्बर , सन १८५६ को हुआ । उनकी माता का नाम सुल्ताना बेग़म था । पिता बैरम खां मुग़ल बादशाह हुमायूँ के […]

“प्रभु जू , यौँ किन्ही हम खेती । बंजर भूमि, गाउ हर जोते, अरु जेती की तेती । […]

आज मानव जीवन अनेक विसंगतियों एवं विडम्बनाओं से जूझ रही हैं। एक समय हुआ करता था जब लोग प्रेम, स्नेह, सद्भावना के साथ जीवन यापन किया करते थे। एक दूसरे […]

अलका सरावगी का अद्यतन उपन्यास ‘जानकीदास तेजपाल मैनशन’ (2015) कलकत्ता के बड़ाबाजार (सेंट्रल एवेन्यू) में स्थित 80 परिवारोंवाली एक पुरानी जर्जर इमारत का नाम है। वह लगातार झुक रही है, […]

एक साहित्यिक गोष्ठी का सारांश शहर के तमाम बुद्धिजीवियों कथाकारों और कवियों ने हिन्दुस्तान की समस्याओं को लेकर संगोष्ठी की मंच पर हिन्दुस्तान का नक्शा लगा हुआ था किसी ने […]

अबकी बार इस बार मुझे लगा कि कैसे चीजें बार बार ज्यादा याद आती हैं और टूट टूट कर बुरी तरह से दिल को आहत पहुंचाती हैं। बाहर निकलकर जिधर […]

दोनों ने पुराने किले के खंडहर की ओर कदम मोड़ लिए। भागते हुए एक चोर बोला,‘‘मैं कहता हूं एक बार सोच लो, क्या उसी ओर दौड़ना है। वहां तो पहले […]

नई स्कूटी लेकर आया राजू भालू, उसका दोस्त चिम्पू बंदर है बहुत चालू। मीठी बातों से राजू को बहकाता, रोज उसकी स्कूटी मजे से चलाता।। एक दिन चिम्पू का चौराहे […]

प्रिय तुम हो कहाँ गगन कहाँ धरा पर ही वो मनोहर सौंदर्य खोजता हूँ । चुभन कहाँ मधुकलश लिये भावों का मैं घूमता हूँ । सखा तुम हो कहाँ ? […]