
1. मासूमियत —————– मैंने अपनी बाल्कनी के गमले में वयस्क आँखें बो दीं वहाँ कोई फूल नहीं निकला किंतु मेरे घर की सारी निजता भंग हो गई मैंने अपनी बाल्कनी के गमले में वयस्क हाथ बो दिए वहाँ कोई फूल नहीं निकला किंतु मेरे घर के सारे सामान चोरी होने लगे मैंने अपनी बाल्कनी के गमले में वयस्क जीभ बो दी वहाँ कोई फूल नहीं निकला किंतु मेरे घर की सारी शांति खो गई हार कर मैंने अपनी बाल्कनी के गमले में एक शिशु मन बो दिया अब वहाँ एक सलोना सूरजमुखी खिला हुआ है 2. जो नहीं दिखता दिल्ली से ——————————— बहुत कुछ है जो नहीं दिखता दिल्ली से आकाश को नीलाभ कर रहे पक्षी और पानी को नम बना रही मछलियाँ नहीं दिखती हैं दिल्ली से विलुप्त हो रहे विश्वास चेहरों से मिटती मुस्कानें […]



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