रश्मि राजगृहार की कविता

कबीर तुमने कहा था रहना नहीं देस विराना है। लेकिन दे दिया पूरी उम्र देस’ को रहने लायक बनाने में निर्गुण की बाते दुहरायी बारम्बार और पाटते रहे जीऊ और […]

कवि राजेश पुरोहित की गज़ल

गरीबों में ईश्वर जिसने खोजा है असल में वहीं करतार रहता है योजनाओं का लाभ मिले उन्हें जो असल में हकदार रहता है मेरे शहर में डेंगू ने पैर पसारे […]

दीपक वार्ष्णेय की कविताएँ

पिता पिता दफ्तर से घर बच्चों का इन्तजार है गुस्सा में छुपा प्यार है हर जरुरत की पूर्ति है संयम की मूर्ति है निस्वार्थ उपकार है हमारा संस्कार है हमारी […]

सुनो, तुम मुझसे झूठ तो नहीं बोल रहे (कहानी) – संजय वर्मा “दृष्टी”

घर की बालकनी की खिड़की खोली बाहर का दृश्य देख मुंह  से निकल पड़ा – देखो चीकू के पापा कितना मनोरम दृश्य है । रोज की तरह रजाई ताने बिस्तर […]

पंखुरी सिन्हा की पाँच कविताएँ

कारण प्रेम कारण से परे होता है लेकिन कारण से परे हर कुछ प्रेम नहीं होता प्रेम की लाश ढ़ोने वाले बहुत हैं इतने हैं कि दूर नहीं जाने देंगे […]

हाँ मैं प्रसिद्ध होना चाहती हूँ – कुमारी अर्चना

क्या करना होगा अपना चेहरा रोज रोज गमकऊँआ साबुन से चमकाना होगा फेरनलवली खूब पोतना होगा सात धंटे की पूरी नींद लेनी होगा फिर फेसबुक,इन्ट्राग्राम पर हॉट,सेक्सी व भड़काऊं फोटो […]

पिंजरे की चिड़िया – स्वाति कुमार

पिंजरे  में  कैद  एक  चिड़िया, संसार के यथार्थ से अनजान, दूसरों के अरमानों के पीछे, अपने सपनों को कुचलती एक चिड़िया, पिंजरे में कैद एक चिड़िया।   चारदीवारी में पंख […]

मैं रूठा हूँ – सुषमा सिंह

पापा को ऑफिस की जल्दी माँ तुम भी तो जाती छोड़ दादी नानी कोई न संग में बोलो मुझे संभाले कौन मैं डरता हूँ माँ सपनों में तुमको नहीं बताता […]

प्रेरणा (लघुकथा) – मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

पवन एक अच्छी कद – काठी का छात्र था | वह भारतीय सेना में जाना चाहता था, इसलिए दिन – रात जी तोड़ मेहनत की थी उसने, वैसे पढ़ने – […]