
क्या कभी किसी ने इक्कीसवीं सदी में जीते हुए, नई-नई टेक्नोलाॅजी के दौर में सोचा था कि घरों के अंदर रहते हुए भी मास्क लगाने पड़ सकते हैं। रेस्टोरेटं, डांस […]

क्या कभी किसी ने इक्कीसवीं सदी में जीते हुए, नई-नई टेक्नोलाॅजी के दौर में सोचा था कि घरों के अंदर रहते हुए भी मास्क लगाने पड़ सकते हैं। रेस्टोरेटं, डांस […]

भोरहरी में उठते ही रंजना खेत से लायी ताजी हरी भिंडियाँ काटने बैठ गयी। रोज सबसे पहला उसका यही काम था। उजाला होते ही सूरज की किरणें भी धीरे-धीरे धरती […]

जब हमारे समाज में होते हैं अपराध कई तरह के जिसके लिए होते हैं कई तरह के प्रदर्शन भी कैंडल मार्च धरना प्रदर्शन या अन्य कोई जहां लोग लगाते हैं […]

झील-सी नीली आंखें तो बहुत देखी जा चुकी देखने की जरूरत है, उन गहरी काली अंधेरे से भरी झुर्रियों से घिरी आंखों को जो दिखाती हैं, उनके संपूर्ण जीवन की […]

जन्म लिया जिस दिन उसने सबने कहा धन पराया उसे आ गई बोझ पिता पर कहकर दुनिया ने दुत्तकारा सीखो अदब, जाना है तुम्हें दुसरे घर बचपन में ही सिखलाया […]

(1) झंझावातों से विद्रोही बनकर लड़ना सीखो, अपने देश के लिए भक्ति तुम करना सीखो | छोटी-छोटी बातों पर मत लड़ना सीखो, छोटी-छोटी भूलों से तुम कुछ करना सीखो | […]

दिल्ली विश्वविद्यालय कॉलेज कैंपस में फॉर्म भरने और नामांकन की भागमभाग हलचल थी और अधिति पूर्व दिशा में पेड़ की छांव तले एकांत में बैठी मन की गुत्थियां सुलझाने में […]

These are feelings of Soldiers जो लौट के घर न आए….. तिरंगे में लिपट कर ,जाते-जाते बहुत सारी अनकही बातें कह गए…. (1) सैनिक की चाहत “चाहत तो बहुत […]

एक बार भारतीय भाषा परिषद, कोलकाता और साहित्य अकादेमी के संयुक्त साहित्य आयोजन में भाग लेने मैं कोलकाता गया हुआ था। कार्यक्रम शुरू होने के एक दिन पहले मैं अपने […]

सन् 1803 में इंशा अल्लाह खान कृत कहानी रानी केतकी की कहानी को हिंदी की पहली कहानी कहा जाता है। इसके बाद धीरे-धीरे इस कला में परिवर्तन होने लगा और […]