सिर्फ मानव ही आराध्य है – शैलेन्द्र चौहान

“जो सत्य है, उसे साहसपूर्वक निर्भीक होकर लोगों से कहो। उससे किसी को कष्ट होता है या नहीं, इस ओर ध्यान मत दो। दुर्बलता को कभी प्रश्रय मत दो।’ जो […]

मानवता के सजग प्रहरी निराला और राम की शक्ति पूजा – सौरभ कुमार सिंह

काव्य का उत्स अंतर की गहराइयों में है और कहा भी जाता है कि कला का जन्म अंतश्चेतना से होता है । काव्य अध्ययन की पूर्णता की दिशा में व्यक्तित्व […]

किताब समीक्षा : ‘द रेड सारी-सोनिया गांधी की नाटकीय जीवनी’ (भोला और बीके चतुर्वेदी) – मुहम्मद जाकिर हुसैन

लेखक जेवियर मोरो की 2008 में आई मूल स्पैनिश भाषा में ‘अल सारी रोजो’ नाम से आई किताब सोनिया गांधी की आत्मकथा के तौर पर प्रचारित की गई है। हालांकि […]

अपनी ही राह पर दौड़ती ‘लव हॉस्टल’ – तेजस पूनियां 

एक तरफ़ मुस्लिम जाट लड़का दूसरी ओर हिन्दू जाट लड़की। दोनों में प्यार हुआ। कैसे? कब? कहाँ मिले? जरूरी नहीं बताना। लड़की के परिवार वाले लड़की को मारना चाहते हैं। […]

नजदीक (कविता) – संजय वर्मा “दृष्टि”

यूँ लब  थरथराने लगे तुम जो मेरे नजदीक आए महकती खुशबू जो महका गई तुम जो मेरे नजदीक आए नजरें ढूंढती रही  हर दम  तुम्हे तुम जो मेरे नजदीक आए […]