
अनुक्रमणिका
संपादकीय
डॉ. आलोक रंजन पांडेय,
प्रो. बबीता काजल
महात्मा गांधी का स्वराज्य विचार – डॉ. परेश जी. पारेख
गिरिराज किशोर के उपन्यास ‘पहला गिरमिटिया’ में गांधी का वैचारिक प्रभाव – अंजु रॉय
हिंदी भाषा में महात्मा गाँधी का योगदान – कोमल दगडु तडवी
अवधी लोकधुनों में गाँधीवाद – प्रो.गरिमा जैन और डॉ.पन्नन बाजपेई
असमिया लोक-गीतों में महात्मा गाँधी – डॉ. परिस्मिता बरदलै
अकाल पुरुष गाँधी: एक वैचारिक दृष्टि – कोमल चुघ
राजस्थानी साहित्य में गाँधी – डॉ. सुशीला गढ़वाल
कन्नड गद्य साहित्य में चित्रित गाँधी-विचार – डॉ. शिवानंद एच कोली
गाँधी का साहित्य और साहित्य में गाँधी- डॉ.परमानंद पाटीदार
हिंदी साहित्य में गाँधीजी के विचारों का प्रभाव – डॉ. छाया शेषराव तोटवाड
हिन्दी साहित्य पर गाँधीजी का प्रभाव – डॉ. लिट्टी योहन्नान
भवानी प्रसाद मिश्र के साहित्य में गाँधी दर्शन – डाॅ. आशा राठौर
कन्नड़ काव्य साहित्य में गाँधी जी – डॉ गीता एच. तलवार
गाँधीवाद और हिंदी साहित्य – प्रियंका
प्रसाद युगीन हिन्दी नाटक और गांधीवाद – डॉ. गीता पांडेय
सत्य की कसोटी पर सत्य के प्रयोग अथवा आत्मकथा – डॉ. लविन्द्रसिंह लबाना
प्रवासी भारतीय साहित्य में गाँधी: एक विस्तृत अध्ययन – कुमारी आकांक्षा
महात्मा गाँधी की वैचारिक प्रतिबद्धता द्वारा राष्ट्र एकता – अनुराग तिवारी प्रेमचंद
सत्य, अहिंसा और त्याग के प्रेरणा स्रोत महात्मा गाँधी – डॉ. सूर्यकांत शिंदे
हिंदी भाषा और महात्मा गाँधी के अहिंसा के सिद्धांत- पवन कुमार
गाँधी चिंतन के आलोक में जैनेंद्र कुमार के उपन्यास सुनीता का विश्लेषण – शिखा सिंह
साहित्य की कसौटी पर महात्मा: गाँधी के लेखन का आलोचनात्मक अध्ययन – डॉ. श्वेत प्रकाश
मलयालम साहित्य में महात्मा गाँधी का प्रभाव: नैतिकता, सामाजिक सुधार और प्रेरणा का स्रोत – डॉ. दीपा कुमारी
मनोवैज्ञानिक कल्याण पर जाति, लिंग और पहचान की अंतर्क्रिया: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन – रजत तिवारी
नरेश मेहता के खण्डकाव्य-दृष्टि में गाँधीवादी विचारधारा की अभिव्यक्ति – पंड्या. किंजल. डी
जैनेंद्र कुमार और गाँधीवादी विचारधारा – डॉ. लिजा अचाम्मा जॉर्ज
हिंदी साहित्य में गाँधी दर्शन का प्रभाव – डॉ. निशा जैन
हिंदी साहित्य में गाँधीवादी विचारधारा का प्रभाव – डॉ. सुनील मुरलीधर पाटिल
गाँधीजी का व्यक्तित्व और नैतिक संघर्ष : ‘मेरे सत्य के प्रयोग’ के संदर्भ में – डाॅ. विलास गायकवाड
राग दरबारी में गाँधीवादी चेतना – डॉ. रंजी कोशी
गाँधी और हिंदी साहित्य- डॉ. ममता सहगल
ओड़िया साहित्य में गाँधी – डॉ. भारती लक्ष्मी पाल
कितने पाकिस्तान ‘ इतिहास का पुनराख्यान – चंदन कुमार
मुंशी प्रेमचंद जी के उपन्यासों में वर्णित विषम दाम्पत्य जीवन (गोदान, निर्मला, वरदान, सेवा सदन और प्रतिज्ञा उपन्यासों के आधार पर) – डॉ. हरिन्दर कुमार
धम्म-सेतु (कविता) – प्रो. (डॉ.) अरविंद कुमार सिंह
प्रो. पंढरीनाथ पाटील “शिवांश “ की कविताएं
दृष्टिकोण (कहानी) – डॉ० उपासना पाण्डेय
‘द वॉर दैट मेड रॉ’ पुस्तक की समीक्षा – अमन शर्मा





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